छोड़ आये हैं हम कहीं,
दिल का एक टुकड़ा, होटों की हसीं,
प्यार की वो खुशबु, बातों की लड़ी…
कुछ मीठे पल, कुछ गुदगुदाते एहसास,
मुस्कान खिलती थी होटों पे, जिनके होने से पास…
मन में बसा कर इन यादों का कारवां,
चल दिए हैं अब तो…
उम्मीदों की कश्ती का सहारा है,
जाने आगे मंज़िल मिले,
या हो फिर किसी तूफ़ान को हमारा इंतज़ार.
क्या खूब लिखा है।
उम्मीदों का दिया बुझने ना पाए।
उम्मीदों की कश्ती का सहारा है,
जाने आगे मंज़िल मिले,
या हो फिर किसी तूफ़ान को हमारा इंतज़ार.
LikeLiked by 1 person
बहुत बहुत धन्यवाद 🙂
LikeLike
सारा रंग बिखर जाता है
जब-जब तु मुझसे दुर जाता है
यार कहुं तो कैसे कहुं मैं
मेरे उम्मीद का दिया हर बार बुझ जाता है
एैसा ही महसूस होता है गर कोई अपना दूर जाता है तो।
LikeLiked by 2 people
बहुत खूब 💕
LikeLiked by 1 person