तिनके

साथ

क्या एक दूसरी दुनिया है,
जहाँ मुलाकात होगी फिर….

कितनी बातें रखी हैं मैंने कहने को,
संजो कर यादों के डिब्बे में,
पहले तो अक्सर भूल जाया करती थी,
तुमसे कह कर.

तुमको भी मेरी याद आती होगी ना,
फिर मुझे ही बुला लो अपने पास,
तुम ही तो कहते थे,
मुझे बिन देखे तुमसे रहा नहीं जाता.

बहुत कोशिशें की मैंने,
पर ना आंसुओं का ये सैलाब रुका,
और ना ढूंढ पायी हूँ मैं,
तुम बिन अपना कोई अस्तितव.

क्या एक दूसरी दुनिया है,
जहाँ मुलाकात होगी फिर….

सात जन्मों का साथ मिले ना मिले,
पर इस दुनिया में हो, या उस दुनिया में,
अकेला मत छोड़ जाना तुम मुझे,
यूँ फिर कभी….

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