तिनके

खो कर जो पाया

जो यादें याद भी ना थी,
आज वो यादें याद आ रही हैं…
कुछ चोट जो भूला दिय थे,
रिश्तों की मिठास बनाये रखने को,
आज आंसुओं में बह बहकर,
दर्द उनका कुछ कम सा होता जा रहा है.

जीवन भर का साथ, ना सही
पर खुद से किया वादा तो निभाया…
अधूरापन सा है थोड़ा अब भी,
लेकिन खुद को है फिर से पाया

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