तिनके

ज़िन्दगी

कल की सोच, कल को संवारने,
यूँ भागे जा रहे हैं सब…
मंज़िल पे तो मौत मिलेगी,
पर ये सफर, जिसका नाम ज़िन्दगी,
उसे जी पा रहे हैं कब?

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